छिंदवाड़ा: जिले में 25 मासूम बच्चों की मौत के बहुचर्चित मामले में अब आम आदमी पार्टी (AAP) समेत जिले के गैर-राजनीतिक संगठन और निष्पक्ष जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने शासन-प्रशासन की लचर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठनों ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में विशेष रूप से यह सवाल उठाया गया है कि मृतक बच्चों का पोस्टमार्टम क्यों नहीं करवाया गया? उनका कहना है कि अगर 29 सितंबर के पहले ही पोस्टमार्टम हो जाता, तो अन्य बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
तत्कालीन कलेक्टर पर ‘राजनीतिक संरक्षण’ का आरोप
प्रेस नोट में तत्कालीन कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संगठनों का दावा है कि कलेक्टर को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, इसी कारण मामले के सामने आते ही उनका तत्काल तबादला कर दिया गया, जिससे उनकी जवाबदेही तय नहीं हो पाई। यह भी संदेह व्यक्त किया गया है कि कलेक्टर को बचाने के पीछे राज्य सरकार है।
विपक्ष पर भी निशाना, CBI जांच से बचने का आरोप
सिर्फ सत्तारूढ़ दल ही नहीं, विपक्ष में बैठी कांग्रेस के नेतागण भी संगठनों के निशाने पर हैं। आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता भी मामले को सीबीआई जांच के हाथ में जाने से बचाना चाहते हैं, जिससे मामला सेंट्रल के पास न जाए।
‘षड्यंत्र’ की आशंका
यह भी आशंका व्यक्त की गई है कि यह मामला तत्कालीन सरकार को अस्थिर करने के लिए नकली दवाओं से जुड़ा एक बड़ा षड्यंत्र हो सकता है। क्योंकि श्रीसन फार्मा कंपनी के मालिक ने तीन राज्यों में दवा पहुंचाना बताया है, लेकिन घटना सिर्फ मध्य प्रदेश में ही घटी है। ये सभी परिस्थितियां किसी ‘राजनीति से प्रेरित बड़े षड्यंत्र’ की ओर इशारा करती हैं।
29 अक्टूबर को ‘जन अदालत’
मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि देने, न्यायपूर्ण जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के समस्त कार्यकर्ता, गैर राजनीतिक संगठन, समाजसेवी संगठन एवं आम जन नागरिकों द्वारा 29 अक्टूबर, बुधवार को सुबह 11 बजे जवाहर ग्राउंड (जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने) ‘जनता की अदालत’ आयोजित की जाएगी। इस श्रद्धांजलि सभा में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी उपस्थित रहेंगे।
खबर: करण विश्वकर्मा – 9755432229








