छिंदवाड़ा : श्री पंचमुखी हनुमान उत्थान सेवा समिति (पंजीकृत संस्था) ने आज, 07 अक्टूबर 2025 को प्रेस वार्ता आयोजित कर, एक तथाकथित अवैधानिक समिति के पदाधिकारियों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को झूठा करार दिया। समिति ने समानांतर समिति बनाने, दस्तावेजों की चोरी और निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए, जिला प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है।
‘हमारा कार्यकाल 2028 तक, समानांतर समिति नियम विरुद्ध’
समिति के अध्यक्ष एड. रमेश पोफली ने स्पष्ट किया कि उनकी संस्था विधिवत पंजीकृत है और इसमें 11 सदस्य हैं। उन्होंने कहा, “हमारी समिति में विधिवत चुनाव होते रहे हैं और मेरा वर्तमान कार्यकाल 2028 तक है।” श्री पोफली ने मंदिर में कराए गए सभी निर्माण कार्यों की ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध होने का दावा किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हनुमान जयंती की बैठक के दौरान नरेन्द्र साहू के नेतृत्व में कुछ लोगों ने पूजा लॉज में एक समानांतर बैठक आयोजित कर नियम विरुद्ध तरीके से नई समिति की घोषणा कर दी। श्री पोफली ने बताया कि इस अवैधानिक समिति ने सदस्यता अभियान भी चलाया और ट्रस्ट गठन के लिए एस.डी.एम. के यहां आवेदन किया है, जिस पर उनके अधिवक्ता ने आपत्ति दर्ज करा दी है।
ताला तोड़कर चांदी के जेवर और मूल दस्तावेज़ चोरी: कोषाध्यक्ष
समिति के कोषाध्यक्ष संकेत मैद ने मंदिर निर्माण कार्य का ब्यौरा देते हुए बताया कि तीन चरणों में हो रहे निर्माण पर अब तक लगभग 1.26 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं (प्रथम चरण 16.70 लाख, दूसरा चरण 70,0,501 और तीसरा चरण 40 लाख रुपये का अनुबंध)।
मैद ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अवैधानिक पदाधिकारियों ने उनकी अनुपस्थिति में मंदिर का ताला और अलमारी तोड़ दी। उन्होंने कहा, “ताला तोड़कर चांदी के जेवर और समिति के संपूर्ण मूल दस्तावेज़ तथा निर्माण से संबंधित पुरानी रसीदें अपने पास रख ली गई हैं।”
इस मामले में समिति ने अमित राय, सुजीत नामदेव, दिनेश सूर्यवंशी, रामनाथ बांधे सहित अन्य पर कार्रवाई के लिए जिलाध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया, लेकिन आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
उधारी के पैसे को जबरन वसूली बताना झूठ: समिति सदस्य
प्रेस वार्ता में लगाए गए अन्य झूठे आरोपों का भी खंडन किया गया। समिति सदस्य नवल किशोर चौधरी, संकेत मैद और रामकुमार सोनी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 2.50 लाख रुपये (पत्थर के लिए) समिति को उधार दिए थे, जिसे अवैधानिक पदाधिकारियों ने जबरन वसूली बताकर झूठा आरोप लगाया। चौधरी ने बताया कि इस राशि में से 30 हजार रुपये समिति द्वारा उन्हें वापस भी कर दिए गए थे।
इसी प्रकार, पंडित श्रवण शर्मा को वेतन न मिलने के आरोप को भी झूठा बताया गया। समिति के सदस्य ने कहा कि पंडित श्रवण कुमार को 16.09.2023 को 20,500 रुपये नकद दिए गए थे। समिति के सचिव राम कुमार सोनी ने स्पष्ट किया कि उनके बारे में झूठ फैलाया जा रहा है कि उनकी उपस्थिति में नई समिति का गठन हुआ। उन्होंने दोहराया कि वह बैठक नया अध्यक्ष चुनने के लिए नहीं, बल्कि हनुमान जयंती की तैयारियों को लेकर थी।
प्रेस वार्ता में अध्यक्ष रमेश पोफली के साथ उपाध्यक्ष हरिओम सोनी, नवल सिंह चौधरी, रामकुमार सोनी, संकेत मैद समेत समिति के कई सदस्य मौजूद थे।
प्रकाशित समाचार प्रेस विज्ञप्ति अनुसार : श्री पंचमुखी हनुमान उत्थान सेवा समिति








