छिंदवाड़ा/चौरई : अखिल भारतीय लोधा-लोधी क्षत्रिय समाज और हजारों श्रद्धालुओं ने महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अजय रामदास जी पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक साजिश करार दिया है। समाज ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच की मांग की है समाज का कहना है कि स्वामी जी को बेवजह एक पुराने मामले में फंसाया जा रहा है और उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर यह षड्यंत्र रचा गया है।

आरोपों को बताया निराधार और राजनीति का शिकार…
वर्ष 2019 के एक फर्जी पत्र प्रकरण में स्वामी अजय रामदास जी को फंसाए जाने के आरोपों के बाद समाज ने उनके पक्ष में जोरदार आवाज उठाई है। समाज के लोगों का कहना है कि स्वामी जी ने तब जांच में पूरा सहयोग दिया था और पुलिस को भी उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला था। बावजूद इसके, लगभग छह साल बाद अचानक नई धाराएं जोड़कर उन्हें आरोपी बना दिया गया है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि वागराज महाकुंभ में महामंडलेश्वर की उपाधि मिलने के बाद स्वामी जी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है, जिससे परेशान होकर कुछ लोगों ने यह साजिश रची है। सोशल और प्रिंट मीडिया के जरिए उनकी छवि खराब करने की भी कोशिश की गई है। जबकि वास्तविकता यह है कि इस मामले को छोड़कर स्वामी जी पर पूरे देश में कोई अन्य मामला दर्ज नहीं है।
लोधी समाज की प्रमुख मांगें…
समाज ने शासन से तत्काल स्वामी अजय रामदास जी को पर्याप्त सुरक्षा देने की मांग की है। उनकी यात्राओं, कार्यक्रमों और निवास स्थलों पर पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है। साथ ही, अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने और इस प्रकरण की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग भी की है ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
खबर : करण विश्वकर्मा








