छिंदवाड़ा: 3 सितंबर: अवैध शराब और अवैध अहाता (शराब पीने की जगह) के खिलाफ संघर्ष करने वाली गुलाबी गैंग की कमांडर श्रीमती पूर्णिमा वर्मा की गिरफ्तारी ने छिंदवाड़ा में नया विवाद खड़ा कर दिया है। विभिन्न महिला सामाजिक संगठनों ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध और राजनैतिक षडयंत्र का हिस्सा बताते हुए राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पूर्णिमा वर्मा को 31 अगस्त 2025 की रात को पुलिस ने शराब माफिया के दबाव में गिरफ्तार किया। महिला संगठनों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी असंवैधानिक थी, क्योंकि उन्हें रातभर कोतवाली थाने में रखा गया, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
ज्ञापन में आगे कहा गया है कि पूर्णिमा वर्मा को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की साधारण धाराओं 170, 126 और 107/116 के तहत गिरफ्तार किया गया है। इसके बावजूद, सिटी मजिस्ट्रेट छिंदवाड़ा (तहसीलदार) द्वारा उन्हें न तो जमानत दी जा रही है और न ही मुचलका, बल्कि जबरन और नियम विरुद्ध तरीके से 1 लाख रुपये की सॉल्वेंसी की मांग की जा रही है।
महिला संगठनों ने राज्यपाल से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और राज्य सरकार को पूर्णिमा वर्मा की रिहाई के निर्देश देने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि यह कार्रवाई सामाजिक आंदोलनों को दबाने का प्रयास है।
खबर : करण विश्वकर्मा – 97554322229








