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“पुरुष समाज चूड़ियां पहन लें, अब महिलाओं ने संभाली है लाठी” छिंदवाड़ा में ‘गुलाबी गैंग’ का नशे और अवैध अहातों के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान…

छिंदवाड़ा: शहर की शांति और युवाओं के भविष्य को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ‘गुलाबी गैंग’ की कमांडर पूर्णिमा वर्मा ने मोहन सरकार पर सीधा हमला बोला है। शुक्रवार को वीआईपी रोड स्थित होटल देव में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि भारत का दिल कहे जाने वाला मध्य प्रदेश आज ठेकेदारों और नशे के कारोबारियों के चंगुल में फंस चुका है।

“जिले में फल-फूल रहा है नशे का कारोबार, संरक्षण में चल रहे अवैध धंधे”

पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि आज प्रदेश में प्रतिबंधित एम.डी. ड्रग्स और गांजा तक आसानी से मिल रहा है, जो ग्रामीण स्तर से लेकर स्कूली बच्चों तक पहुंच चुका है। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि गली-गली में शराब और नशे के अवैध धंधे पनप रहे हैं, और यह सब प्रशासन के संरक्षण में हो रहा है।


“सुरक्षा दें या इच्छा मृत्यु की अनुमति” – IG जबलपुर से की की मांग

अपनी जान पर खतरे का अंदेशा जताते हुए पूर्णिमा वर्मा ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले जबलपुर के आईजी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि अगर प्रशासन जिले की महिलाओं और युवाओं को नशे से नहीं बचा सकता और अवैध शराब के कारोबार पर रोक नहीं लगा सकता, तो उन्हें या तो पुलिस सुरक्षा दी जाए या इच्छा मृत्यु की अनुमति। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर संघर्ष के दौरान उनकी जान जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके प्रशासन की होगी।


“मेरी जान चली जाए, लेकिन अवैध अहाते नहीं चलने दूंगी”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “मैं अपने जिले के लोगों के लिए, उनकी जान की सुरक्षा के लिए, बहनों की सुरक्षा में लगातार संघर्ष करती रहूंगी।” उन्होंने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि शहर में मानसरोवर अमित ठेंगे चौक और फव्वारा चौक के पास चल रही सरकारी शराब की दुकानें और उनके अवैध अहाते रिहायशी इलाकों से बाहर ले जाए जाने चाहिए, भले ही उनकी जान चली जाए।


“कोतवाली थाने पर भी सवाल, जनता को बताएं कितने मामले दर्ज किए”

सिटी कोतवाली के प्रभारी आशीष धुर्वे पर निशाना साधते हुए, पूर्णिमा ने कहा कि उन पर मामला दर्ज करने से पहले वे जनता को बताएं कि उनके कार्यकाल में अवैध अहातों के खिलाफ कितने मामले दर्ज किए गए हैं और कितनों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि वह कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले लोक सेवकों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल करने जा रही हैं।

“पुरुष समाज चूड़ियां पहन लें, अब महिलाओं ने संभाली है लाठी”

अंत में, पूर्णिमा वर्मा ने आम जनता से इस जंग में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा, “गलत का विरोध करना जिंदा इंसानों की निशानी है।” उन्होंने पुरुषों को कड़े शब्दों में संदेश देते हुए कहा कि जो लोग समाज के हक और न्याय के लिए खड़े नहीं हो सकते, उन्हें चूड़ियां पहन लेनी चाहिए, क्योंकि अब महिलाओं ने अपने जिले की सुरक्षा के लिए लाठियां उठा ली हैं। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि यह लड़ाई अब “आर या पार की” होगी और तब तक जारी रहेगी, जब तक शहर से अवैध नशे का कारोबार खत्म नहीं हो जाता।

खबर : करण विश्वकर्मा – 97554322229