छिंदवाड़ा, 17 जुलाई 2025 – छिंदवाड़ा तहसील कार्यालय में आज एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ शहर तहसीलदार राजेश मरावी पर एक वरिष्ठ अधिवक्ता रामकुमार भारद्वाज के साथ अभद्र व्यवहार करने और उन्हें न्यायालय कक्ष से बाहर निकालने का आरोप लगा है। यह विवाद उस समय गहरा गया जब अधिवक्ता भारद्वाज अपने मुवक्किल अनिल मालवीय, जो श्री केसरी नंदन हनुमान मंदिर सेवा समिति ट्रस्ट के उपाध्यक्ष हैं, के साथ एक आवेदन प्रस्तुत करने तहसीलदार न्यायालय पहुंचे थे।

अधिवक्ता रामकुमार भारद्वाज ने बताया कि तहसीलदार राजेश मरावी ने पहले तो उनका आवेदन लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया और कहा, “जो मुझे लिखना था वो मैंने लिख दिया, अब रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहूंगा।” जब अधिवक्ता ने विनम्रतापूर्वक कहा कि वे आवेदन लेने से इनकार नहीं कर सकते, तो कथित तौर पर तहसीलदार ने ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए उन्हें “बाहर निकलने” के लिए कहा। स्थिति और बिगड़ गई जब तहसीलदार ने चपरासी को बुलाकर अधिवक्ता को न्यायालय कक्ष से बाहर निकालने का प्रयास किया।
यह पूरी घटना तहसील न्यायालय परिसर में मौजूद कई अन्य व्यक्तियों ने देखी और सुनी, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। अधिवक्ता भारद्वाज ने इस व्यवहार को न केवल अपमानजनक बताया है बल्कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य भी बताया है। घटना के तुरंत बाद, अधिवक्ता के एक समूह ने कलेक्टर छिंदवाड़ा को एक आवेदन प्रस्तुत कर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्यवाही की मांग की है।
ट्रस्ट उपाध्यक्ष अनिल मालवीय, जो इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं, ने भी तहसीलदार के व्यवहार को पूरी तरह से अनुचित और निंदनीय करार दिया है। इस घटना ने तहसील न्यायालय की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया की मर्यादा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस संबंध में जब तहसीलदार राजेश मरावी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं किया, उनका पक्ष जांच के बाद ही सामने आ पाएगा ।
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