छिंदवाड़ा की महिलाओं का ‘महुआ मैजिक’: प्रधानमंत्री मोदी भी हुए स्वाद के दीवाने!
छिंदवाड़ा :- जिले के राजाखोह गांव की चार महिलाओं ने महुए के फूलों से कुकीज बनाकर पूरे देश में धूम मचा दी है। इन महिलाओं के अनोखे स्टार्टअप की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में की है। महुए के फूल, जिनका उपयोग आमतौर पर शराब बनाने के लिए किया जाता है, अब इन महिलाओं के हाथों से स्वादिष्ट और पौष्टिक कुकीज का रूप ले रहे हैं।
कैसे हुई शुरुआत – देवकी चौरे, लता मर्सकोले, नीतू अहिरवार और मंजू चौरे ने ‘अन्यका महुआ उत्पादक समूह’ बनाकर इस अनोखे व्यवसाय की शुरुआत की। उन्होंने 5-5 हजार रुपये इकट्ठा करके आदिवासी व्यंजनों को व्यावसायिक रूप देने की योजना बनाई। महुए के फूलों से कुकीज बनाने का विचार उन्हें बहुत सफल साबित हुआ।

मल्टीनेशनल कंपनी ने की मदद – इन महिलाओं के जज्बे को देखकर एक मल्टीनेशनल कंपनी ने सीएसआर फंड से उन्हें आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराईं। महिलाओं ने कुकीज बनाने का प्रशिक्षण भी लिया। उनके उत्पाद के लिए आसपास के 13 गांवों के ग्रामीणों से महुआ एकत्र किया जाता है, जिससे कई लोगों को रोजगार मिला है।
उत्पादों की बढ़ती मांग – इन महिलाओं के महुआ कुकीज की मांग अब दिल्ली, भोपाल, हरदा, जबलपुर, सूरत, मुंबई, नागपुर जैसे शहरों में भी होने लगी है। स्थानीय मेलों और आयोजनों में भी इनके स्टॉल खूब पसंद किए जाते हैं।

महुए के फायदे – जिला अस्पताल के आयुष अधिकारी डॉ. प्रवीण रघुवंशी के अनुसार, महुए के फूल में आयरन, कैल्शियम और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व होते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और डायबिटीज के लक्षणों को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। इस प्रकार, छिंदवाड़ा की इन महिलाओं ने न केवल अपना व्यवसाय सफल बनाया है, बल्कि महुए के पारंपरिक उपयोग को एक नया और पौष्टिक रूप भी दिया है।

रिपोर्ट – करण विश्वकर्मा–9755432229